Book 1 • Chapter 259
Section 259
10 verses
Verse 1
गिरा अलिनि मुख पंकज रोकी प्रगट न लाज निसा अवलोकी
Verse 2
लोचन जलु रह लोचन कोना जैसे परम कृपन कर सोना
Verse 3
सकुची ब्याकुलता बड़ि जानी धरि धीरजु प्रतीति उर आनी
Verse 4
तन मन बचन मोर पनु साचा रघुपति पद सरोज चितु राचा
Verse 5
तौ भगवानु सकल उर बासी करिहिं मोहि रघुबर कै दासी
Verse 6
जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू सो तेहि मिलइ न कछु संहेहू
Verse 7
प्रभु तन चितइ प्रेम तन ठाना कृपानिधान राम सबु जाना
Verse 8
सियहि बिलोकि तकेउ धनु कैसे चितव गरुरु लघु ब्यालहि जैसे
Verse 9
लखन लखेउ रघुबंसमनि ताकेउ हर कोदंडु
Verse 10
पुलकि गात बोले बचन चरन चापि ब्रह्मांडु
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