Book 6 • Chapter 25
Section 25
10 verses
Verse 1
सुनु सठ सोइ रावन बलसीला हरगिरि जान जासु भुज लीला
Verse 2
जान उमापति जासु सुराई पूजेउँ जेहि सिर सुमन चढ़ाई
Verse 3
सिर सरोज निज करन्हि उतारी पूजेउँ अमित बार त्रिपुरारी
Verse 4
भुज बिक्रम जानहिं दिगपाला सठ अजहूँ जिन्ह कें उर साला
Verse 5
जानहिं दिग्गज उर कठिनाई जब जब भिरउँ जाइ बरिआई
Verse 6
जिन्ह के दसन कराल न फूटे उर लागत मूलक इव टूटे
Verse 7
जासु चलत डोलति इमि धरनी चढ़त मत्त गज जिमि लघु तरनी
Verse 8
सोइ रावन जग बिदित प्रतापी सुनेहि न श्रवन अलीक प्रलापी
Verse 9
तेहि रावन कहँ लघु कहसि नर कर करसि बखान
Verse 10
रे कपि बर्बर खर्ब खल अब जाना तव ग्यान
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