Book 6 • Chapter 69
Section 69
10 verses
Verse 1
कुंभकरन मन दीख बिचारी हति धन माझ निसाचर धारी
Verse 2
भा अति क्रुद्ध महाबल बीरा कियो मृगनायक नाद गँभीरा
Verse 3
कोपि महीधर लेइ उपारी डारइ जहँ मर्कट भट भारी
Verse 4
आवत देखि सैल प्रभू भारे सरन्हि काटि रज सम करि डारे
Verse 5
पुनि धनु तानि कोपि रघुनायक छाँड़े अति कराल बहु सायक
Verse 6
तनु महुँ प्रबिसि निसरि सर जाहीं जिमि दामिनि घन माझ समाहीं
Verse 7
सोनित स्त्रवत सोह तन कारे जनु कज्जल गिरि गेरु पनारे
Verse 8
बिकल बिलोकि भालु कपि धाए बिहँसा जबहिं निकट कपि आए
Verse 9
महानाद करि गर्जा कोटि कोटि गहि कीस
Verse 10
महि पटकइ गजराज इव सपथ करइ दससीस
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