Book 7 • Chapter 38
Section 38
8 verses
Verse 1
बिषय अलंपट सील गुनाकर पर दुख दुख सुख सुख देखे पर
Verse 2
सम अभूतरिपु बिमद बिरागी लोभामरष हरष भय त्यागी
Verse 3
कोमलचित दीनन्ह पर दाया मन बच क्रम मम भगति अमाया
Verse 4
सबहि मानप्रद आपु अमानी भरत प्रान सम मम ते प्रानी
Verse 5
बिगत काम मम नाम परायन सांति बिरति बिनती मुदितायन
Verse 6
सीतलता सरलता मयत्री द्विज पद प्रीति धर्म जनयत्री
Verse 7
ए सब लच्छन बसहिं जासु उर जानेहु तात संत संतत फुर
Verse 8
सम दम नियम नीति नहिं डोलहिं परुष बचन कबहूँ नहिं बोलहिं
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