Book 7 • Chapter 67
Section 67
8 verses
Verse 1
जेहि बिधि कपिपति कीस पठाए सीता खोज सकल दिसि धाए
Verse 2
बिबर प्रबेस कीन्ह जेहि भाँती कपिन्ह बहोरि मिला संपाती
Verse 3
सुनि सब कथा समीरकुमारा नाघत भयउ पयोधि अपारा
Verse 4
लंकाँ कपि प्रबेस जिमि कीन्हा पुनि सीतहि धीरजु जिमि दीन्हा
Verse 5
बन उजारि रावनहि प्रबोधी पुर दहि नाघेउ बहुरि पयोधी
Verse 6
आए कपि सब जहँ रघुराई बैदेही कि कुसल सुनाई
Verse 7
सेन समेति जथा रघुबीरा उतरे जाइ बारिनिधि तीरा
Verse 8
मिला बिभीषन जेहि बिधि आई सागर निग्रह कथा सुनाई
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