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Ramayana Singer

श्रीमद्वाल्मीकीयरामायणम्

Book 7 • Chapter 66

Section 66

8 verses

Verse 1
कहि दंडक बन पावनताई गीध मइत्री पुनि तेहिं गाई
Verse 2
पुनि प्रभु पंचवटीं कृत बासा भंजी सकल मुनिन्ह की त्रासा
Verse 3
पुनि लछिमन उपदेस अनूपा सूपनखा जिमि कीन्हि कुरूपा
Verse 4
खर दूषन बध बहुरि बखाना जिमि सब मरमु दसानन जाना
Verse 5
दसकंधर मारीच बतकहीं जेहि बिधि भई सो सब तेहिं कही
Verse 6
पुनि माया सीता कर हरना श्रीरघुबीर बिरह कछु बरना
Verse 7
पुनि प्रभु गीध क्रिया जिमि कीन्ही बधि कबंध सबरिहि गति दीन्ही
Verse 8
बहुरि बिरह बरनत रघुबीरा जेहि बिधि गए सरोबर तीरा
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