Book 7 • Chapter 91
Section 91
8 verses
Verse 1
निज मति सरिस नाथ मैं गाई प्रभु प्रताप महिमा खगराई
Verse 2
कहेउँ न कछु करि जुगुति बिसेषी यह सब मैं निज नयनन्हि देखी
Verse 3
महिमा नाम रूप गुन गाथा सकल अमित अनंत रघुनाथा
Verse 4
निज निज मति मुनि हरि गुन गावहिं निगम सेष सिव पार न पावहिं
Verse 5
तुम्हहि आदि खग मसक प्रजंता नभ उड़ाहिं नहिं पावहिं अंता
Verse 6
तिमि रघुपति महिमा अवगाहा तात कबहुँ कोउ पाव कि थाहा
Verse 7
रामु काम सत कोटि सुभग तन दुर्गा कोटि अमित अरि मर्दन
Verse 8
सक्र कोटि सत सरिस बिलासा नभ सत कोटि अमित अवकासा
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