Book 2 • Chapter 147
Section 147
10 verses
Verse 1
एहि बिधि करत पंथ पछितावा तमसा तीर तुरत रथु आवा
Verse 2
बिदा किए करि बिनय निषादा फिरे पायँ परि बिकल बिषादा
Verse 3
पैठत नगर सचिव सकुचाई जनु मारेसि गुर बाँभन गाई
Verse 4
बैठि बिटप तर दिवसु गवाँवा साँझ समय तब अवसरु पावा
Verse 5
अवध प्रबेसु कीन्ह अँधिआरें पैठ भवन रथु राखि दुआरें
Verse 6
जिन्ह जिन्ह समाचार सुनि पाए भूप द्वार रथु देखन आए
Verse 7
रथु पहिचानि बिकल लखि घोरे गरहिं गात जिमि आतप ओरे
Verse 8
नगर नारि नर ब्याकुल कैंसें निघटत नीर मीनगन जैंसें
Verse 9
-सचिव आगमनु सुनत सबु बिकल भयउ रनिवासु
Verse 10
भवन भयंकरु लाग तेहि मानहुँ प्रेत निवासु
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