Book 2 • Chapter 189
Section 189
10 verses
Verse 1
सई तीर बसि चले बिहाने सृंगबेरपुर सब निअराने
Verse 2
समाचार सब सुने निषादा हृदयँ बिचार करइ सबिषादा
Verse 3
कारन कवन भरतु बन जाहीं है कछु कपट भाउ मन माहीं
Verse 4
जौं पै जियँ न होति कुटिलाई तौ कत लीन्ह संग कटकाई
Verse 5
जानहिं सानुज रामहि मारी करउँ अकंटक राजु सुखारी
Verse 6
भरत न राजनीति उर आनी तब कलंकु अब जीवन हानी
Verse 7
सकल सुरासुर जुरहिं जुझारा रामहि समर न जीतनिहारा
Verse 8
का आचरजु भरतु अस करहीं नहिं बिष बेलि अमिअ फल फरहीं
Verse 9
अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु
Verse 10
हथवाँसहु बोरहु तरनि कीजिअ घाटारोहु
0:000:00
Speed: