Book 2 • Chapter 273
Section 273
10 verses
Verse 1
गरइ गलानि कुटिल कैकेई काहि कहै केहि दूषनु देई
Verse 2
अस मन आनि मुदित नर नारी भयउ बहोरि रहब दिन चारी
Verse 3
एहि प्रकार गत बासर सोऊ प्रात नहान लाग सबु कोऊ
Verse 4
करि मज्जनु पूजहिं नर नारी गनप गौरि तिपुरारि तमारी
Verse 5
रमा रमन पद बंदि बहोरी बिनवहिं अंजुलि अंचल जोरी
Verse 6
राजा रामु जानकी रानी आनँद अवधि अवध रजधानी
Verse 7
सुबस बसउ फिरि सहित समाजा भरतहि रामु करहुँ जुबराजा
Verse 8
एहि सुख सुधाँ सींची सब काहू देव देहु जग जीवन लाहू
Verse 9
गुर समाज भाइन्ह सहित राम राजु पुर होउ
Verse 10
अछत राम राजा अवध मरिअ माग सबु कोउ
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