Book 2 • Chapter 324
Section 324
10 verses
Verse 1
राम मातु गुर पद सिरु नाई प्रभु पद पीठ रजायसु पाई
Verse 2
नंदिगावँ करि परन कुटीरा कीन्ह निवासु धरम धुर धीरा
Verse 3
जटाजूट सिर मुनिपट धारी महि खनि कुस साँथरी सँवारी
Verse 4
असन बसन बासन ब्रत नेमा करत कठिन रिषिधरम सप्रेमा
Verse 5
भूषन बसन भोग सुख भूरी मन तन बचन तजे तिन तूरी
Verse 6
अवध राजु सुर राजु सिहाई दसरथ धनु सुनि धनदु लजाई
Verse 7
तेहिं पुर बसत भरत बिनु रागा चंचरीक जिमि चंपक बागा
Verse 8
रमा बिलासु राम अनुरागी तजत बमन जिमि जन बड़भागी
Verse 9
राम पेम भाजन भरतु बड़े न एहिं करतूति
Verse 10
चातक हंस सराहिअत टेंक बिबेक बिभूति
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