Book 2 • Chapter 69
Section 69
10 verses
Verse 1
लखि सनेह कातरि महतारी बचनु न आव बिकल भइ भारी
Verse 2
राम प्रबोधु कीन्ह बिधि नाना समउ सनेहु न जाइ बखाना
Verse 3
तब जानकी सासु पग लागी सुनिअ माय मैं परम अभागी
Verse 4
सेवा समय दैअँ बनु दीन्हा मोर मनोरथु सफल न कीन्हा
Verse 5
तजब छोभु जनि छाड़िअ छोहू करमु कठिन कछु दोसु न मोहू
Verse 6
सुनि सिय बचन सासु अकुलानी दसा कवनि बिधि कहौं बखानी
Verse 7
बारहि बार लाइ उर लीन्ही धरि धीरजु सिख आसिष दीन्ही
Verse 8
अचल होउ अहिवातु तुम्हारा जब लगि गंग जमुन जल धारा
Verse 9
सीतहि सासु असीस सिख दीन्हि अनेक प्रकार
Verse 10
चली नाइ पद पदुम सिरु अति हित बारहिं बार
0:000:00
Speed: