Book 1 • Chapter 6
Section 6
11 verses
Verse 1
खल अघ अगुन साधू गुन गाहा उभय अपार उदधि अवगाहा
Verse 2
तेहि तें कछु गुन दोष बखाने संग्रह त्याग न बिनु पहिचाने
Verse 3
भलेउ पोच सब बिधि उपजाए गनि गुन दोष बेद बिलगाए
Verse 4
कहहिं बेद इतिहास पुराना बिधि प्रपंचु गुन अवगुन साना
Verse 5
दुख सुख पाप पुन्य दिन राती साधु असाधु सुजाति कुजाती
Verse 6
दानव देव ऊँच अरु नीचू अमिअ सुजीवनु माहुरु मीचू
Verse 7
माया ब्रह्म जीव जगदीसा लच्छि अलच्छि रंक अवनीसा
Verse 8
कासी मग सुरसरि क्रमनासा मरु मारव महिदेव गवासा
Verse 9
सरग नरक अनुराग बिरागा निगमागम गुन दोष बिभागा
Verse 10
जड़ चेतन गुन दोषमय बिस्व कीन्ह करतार
Verse 11
संत हंस गुन गहहिं पय परिहरि बारि बिकार
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