Book 6 • Chapter 81
Section 81
8 verses
Verse 1
सुर ब्रह्मादि सिद्ध मुनि नाना देखत रन नभ चढ़े बिमाना
Verse 2
हमहू उमा रहे तेहि संगा देखत राम चरित रन रंगा
Verse 3
सुभट समर रस दुहु दिसि माते कपि जयसील राम बल ताते
Verse 4
एक एक सन भिरहिं पचारहिं एकन्ह एक मर्दि महि पारहिं
Verse 5
मारहिं काटहिं धरहिं पछारहिं सीस तोरि सीसन्ह सन मारहिं
Verse 6
उदर बिदारहिं भुजा उपारहिं गहि पद अवनि पटकि भट डारहिं
Verse 7
निसिचर भट महि गाड़हि भालू ऊपर ढारि देहिं बहु बालू
Verse 8
बीर बलिमुख जुद्ध बिरुद्धे देखिअत बिपुल काल जनु क्रुद्धे
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