Book 7 • Chapter 32
Section 32
8 verses
Verse 1
भ्रातन्ह सहित रामु एक बारा संग परम प्रिय पवनकुमारा
Verse 2
सुंदर उपबन देखन गए सब तरु कुसुमित पल्लव नए
Verse 3
जानि समय सनकादिक आए तेज पुंज गुन सील सुहाए
Verse 4
ब्रह्मानंद सदा लयलीना देखत बालक बहुकालीना
Verse 5
रूप धरें जनु चारिउ बेदा समदरसी मुनि बिगत बिभेदा
Verse 6
आसा बसन ब्यसन यह तिन्हहीं रघुपति चरित होइ तहँ सुनहीं
Verse 7
तहाँ रहे सनकादि भवानी जहँ घटसंभव मुनिबर ग्यानी
Verse 8
राम कथा मुनिबर बहु बरनी ग्यान जोनि पावक जिमि अरनी
0:000:00
Speed: